
सफलता की कहानी : स्वच्छता से सम्मान और आत्मनिर्भरता तक—
“वॉश ऑन व्हील्स” बनी ग्रामीण बदलाव की मिसाल
संवाददाता धनंजय जोशी
जिला पांढुरना मध्य प्रदेश
पांढुर्णा। स्वच्छता केवल साफ-सफाई का अभियान नहीं, बल्कि यह सम्मान, रोजगार और आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार भी बन सकती है—इसका प्रेरणादायक उदाहरण पांढुर्णा जिले में देखने को मिल रहा है।

जिला पंचायत द्वारा प्रारंभ की गई “वॉश ऑन व्हील्स” सेवा आज ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता के साथ-साथ रोजगार सृजन का भी प्रभावी माध्यम बनकर उभर रही है। इस नवाचारात्मक पहल ने न केवल गांवों में साफ-सफाई की व्यवस्था को बेहतर किया है, बल्कि ग्रामीण युवाओं को सम्मानजनक आजीविका का अवसर भी प्रदान किया है।
यह पहल कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ के मार्गदर्शन एवं सीईओ जिला पंचायत श्री अग्रिम कुमार के नेतृत्व में शुरू की गई है।
72 ग्राम पंचायतों में स्वच्छता की नियमित व्यवस्था
“वॉश ऑन व्हील्स” सेवा के अंतर्गत जनपद पंचायत पांढुर्णा की 72 ग्राम पंचायतों में स्कूलों के शौचालयों, सामुदायिक एवं व्यक्तिगत शौचालयों की नियमित और व्यवस्थित सफाई सुनिश्चित की जा रही है।
इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ वातावरण तैयार हो रहा है और बीमारियों की संभावना भी कम हो रही है।

स्वच्छता साथी अर्जुन हींगवे बने प्रेरणा
इस योजना से ग्राम पंचायत रायभासा के स्वच्छता साथी श्री अर्जुन हींगवे को रोजगार के साथ नई पहचान मिली है।
श्री अर्जुन बताते हैं कि इस सेवा से जुड़ने के बाद उनकी आर्थिक स्थिति में बड़ा सुधार आया है। अब वे अपने परिवार की जरूरतों को बेहतर तरीके से पूरा कर पा रहे हैं और जीवन में खुशहाली आई है। ग्राम पंचायत से मिलने वाले सहयोग ने उनकी आय को और अधिक सुदृढ़ बनाया है।
स्वच्छता + रोजगार + सम्मान = बदलाव की नई कहानी
श्री अर्जुन हींगवे की यह सफलता कहानी इस बात का प्रमाण है कि “वॉश ऑन व्हील्स” जैसी पहलें स्वच्छता के साथ-साथ रोजगार और सामाजिक सम्मान भी प्रदान करती हैं।
यह योजना ग्रामीण भारत में सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में एक मजबूत कदम बन रही है, जो आने वाले समय में और भी लोगों के लिए आत्मनिर्भरता का रास्ता खोल सकती है।
वास्तव में, यह पहल साबित कर रही है कि स्वच्छता सिर्फ अभियान नहीं, बल्कि सम्मान और आत्मनिर्भरता की राह भी बन रही है।
